Image Source: laughingsquid.com

अगर आप केंसर को जल्दी ही दावत देना चाहते है तो आप नीचे लिखी आदतों को अवश्य डालें

१. मोबाईल का प्रयोग अधिक से अधिक करे,
२. सदा उसे अपने शरीर के अंगों के पास रखें.
३. रात कोभी इसे चालू रखें
४. बच्चों को का उम्र में ही इसका सेवन अधिक कराएँ
५. लेंडलाइन का प्रयोग बिल्कुल न करें
६. अधिक प्रभाव के लिए दो मोबाइल का प्रयोग करें

जिन लोगो को यह बात उलटी लगे तो रचना जी की बात माने

सावधानी: मोबाइल और सेल फ़ोन का उपयोग कम से कम करे ताकी वातावरण मे प्रदुषण कम हो । मोबाइल से निकली विद्युत चुम्बकीय तरंगें मुंह,त्वचा तथा शरीर के अन्य स्थानों पर कैंसर को जन्म दे सकती हैं। जहाँ तक सम्भव हो रात को मोबाइल बंद रखे । अगर घर मे चार मोबाइल हैं तो आप किसी एक को चालू रख का भी काम चला सकते हैं । लैंड लाइन का उपयोग करना फिर आरंभ करे । अगर आप के घर मे गर्भवती महिला हैं तो मोबाइल उनसे बहुत दूर रखे । १३ साल तक कि आयु के बच्चो को मोबाइल का उपयोग करने से रोके । आपकी और आपके परिवार कि सेहत के अलावा पर्यावरण कि जिम्मेदारी भी आप की ही हैं ।
रचना सिंह

दोस्तो यह एक आजमाया हुआ तरीका है जिससे हम चीट होने के बाद अपने पैसे क्रेडिट कार्ड कम्पनी से वापस ले सकते है.हुआ यूं की जब मैं पहली बार क्रेडिट कार्ड की बिलिंगसाइकल के जुर्माने मे फसा तो मेरे ऊपर 900 रुपये का ब्याज लग गया, इसका कारण क्रेडिट कार्ड बेचने वाले कार्यकारी के द्वारा दी गयी अधूरी जानकारी थी. पहले तो मैंने ब्याज भर दिया फ़िर उसके बाद शुरू हुआ अंगरेजी में helpline को लम्बी चौड़ी e-mail का सिलशिला और टेलीफोन पर घंटो वादविवाद. अंत में कुछ नही हुआ, बैंक मे जाने से पताचला की क्रेडिट कार्ड का कोई आफिस नही होता, सारी सुनवाई फ़ोन और ईमेल से ही होती है. तब मैंने यह लोकतांत्रिक तरीका अपनाया.

मैं सीधे बैंक मेनेजर के केबिन में गया और उसे सारी कहानी सुनाई. सुनाने के बाद बैंक मेनेजर ने मेरी कोई मदद नही की और मुझे कुछ फ़ोन नंबर और पकड़ा दिए. अब क्या था मेरे पास कोई चारा नही था.

मैंने बैंक मेनेजर से शुद्ध हिन्दी में कहा, महोदय मैने यह कार्ड आपके बैंक के आग्रह पे लिया था और वह भी आपके बैंक की छवी और विज्ञापन के छलावे में आकर, अगर आपने इस मामले में मेरी कोई मदद नही की तो मैं यह सारी कहानी एक कागज पर लिखकर उसकी कई सारी फोटो कॉपी करूँगा और रोज अपने आफिस से आते-जाते संमय आपके बैंक के सामने आपके ग्राहकों को बाटूंगा, यह काम करने में मुझे कतई कोई दिक्कत नही होगी लेकिन अब फ़ोन और e-mail करने मे मुझे बहुत दिक्कत होगी और ना ही मैं अब करूगा.

मेनेजर की गाडी फ़ौरन पटरी पर आगई उन्होंने तुरंत कुछ फ़ोन घुमाये और मुझे फ़ोन करनेका आश्वासन दिया.यह तरीका इतना कारगर सिद्ध हुआ की दूसरे ही दिन मेरे खाते मे 900 रुपये वापस आ गए.

सावधानी: जब भी क्रेडिट कार्ड ले, कार्यकारी का पूरा ब्योरा जरूर रखें. जभी कोई दिक्कत हो, शिकायतों का पूरा विवरण, समय, और हेल्पलाइन द्वारा दिए गए कम्पलेंट नंबर जरूर संभालकर रखें. आगे चल कर उपभोक्ता अदालत मे यह बहुत मदद करते है.

Chitthajagat Tags: क्रेडिट कार्ड, ब्याज, बैंक, यतीष जैन

Technorati Tags: ,,,

जैसा कि मैंने पहले लेख मे कहा की क्रेडिट कार्ड UP to 59 दिन तक फ्री उधार देते है तो सवाल ये उठता है की ये कंपनियाँ कमाती कैसे है.
जवाव सीधा है हमी से और बहुत ज्यादा.
होता यू है की जब आप क्रेडिट कार्ड से उधर लेते है तो आप को एक निश्चित समय सीमा के अन्दर सारा उधार चुकाना होता है जो कि फ्री है. अगर आप किस्तों मी भुगतान करते है तो उसपर महगा ब्याज लगता है. जैसे अगर आप 20,000 रुपये को चार किस्तों मे चार महीने मे लौटते है तो चार महीने का ब्याज लगता है. और इसी दौरान एक बड़ी दुर्घटना होती है आप इसी क्रेडिट कार्ड से कोई दूसरा समान खरीदते है ये सोच कर की मै पिछले वाले उधार का तो ब्याज भर ही रहा हूँ और इस उधर को UP to 59 दिनों मै चुका दूंगा तो मुझे इस पर ब्याज नही लगेगा. यह सरासर ग़लत है. कार्ड खरीदते समय ये बातें बताई नही जाती या इस तरह से कागजो मे होती है जिसे आसानी से जाना नही जा सकता, इसी के शिकार होते है सभी लोग ज्यादातर युवा वर्ग. जब आप किश्तों मे भुगतान कर रहे होते है तो आप को पता ही नही चलता की आप कितना सारा ब्याज दे चुके है.

सावधानी: कभी भी क्रेडिट कार्ड से किस्तों मे भुगतान की समय सीमा मे इस कार्ड से दूसरा समान नही खरीदे, अन्यथा उस सामान की लागत को उसी दिन से ब्याज देय राशी मे जोड़ दिया जाता है और अनजाने मे आप ब्याज के शिकार होते है.

Chitthajagat Tags: क्रेडिट कार्ड, ब्याज, बैंक Technorati Tags: ,,

आज कल क्रेडिट कार्ड का प्रचलन दिन-ब-दिन बड़ता जा रहा है, क्रेडिट कार्ड वैसे तो उधर लेने की सहूलियत देता है पर इसके साथ-साथ हमारी जेब को कई छिपे हुए तरीकों से चूना लगाता है. किसी भी कम्पनी का कार्यकारी जब क्रेडिट कार्ड बेचता है तो वह यह बताता है की आप इससे 59 (अनुमानित) दिनों तक के लिए उधार समान खरीद सकते है और ATM से भी पैसे निकल सकते है जिसपर कोई ब्याज नही लगता.

वास्तव मे यह सच नही है. जब आप क्रेडिट कार्ड से ATM से पैसे निकलते है तो उसपर उसी दिन से ब्याज (लगभग 25% सालाना) लगने लगता है.

जब आप कोई सामन खरीदते है तो उसपर UP to 59 दिनों का उधर मिलाता है. यानि की बिल की तारिख से 59 दिन. जैसे आपके क्रेडिट कार्ड का बिल 10 तारिख को बनता है तो आप अगले महीने की 31 तारिख तक (59 दिनों ) का उधर ले सकते है, कहने का मतलब अगर आप 11 तारिख को कोई सामन खरीदते है तो आपको पूरे 59 दिनों का उधार मिलाता है और अगर आप इस बिलिंग साइकल के बीच में जैसे 31 तारिख को सामान खरीदते है तो आपको 20 दिन कम 29 दिनों का उधार मिलेगा, इसी अधर पर आपके दिन कम होते जायेंगे. ज्यादातर लोग इसी गिनती का शिकार होते है.

क्रेडिट कार्ड कम्पनियाँ अपने लोगो को ऐसे ट्रेंड करती है की वो आधी बात बताते ही नही है जिससे उपभोक्ता इसका शिकार होता है और बहुत ब्याज भरता है.

सावधानी: कभी भी क्रेडिट कार्ड से ATM से पैसे यह समझ के न निकाले की उसपर UP to 59 दिनों तक कोई ब्याज नही लगेगा, कैश निकलने पर उसी दिन से ब्याज लगाने लगता है.

Chitthajagat Tags: क्रेडिट कार्ड, ब्याज, बैंक

Technorati Tags: ,,